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माँ कामाख्या वशीकरण तंत्र साधना

मान्यताओं के अनुसार मां कामाख्या शक्तिपीठ एक अद्भुत शक्ति पिंड है या अत्यंत शक्तिशाली एवं सिद्ध शक्तिपीठ है यहां किया गया हर वशीकरण एवं मंत्र साधना पूर्णता सिद्ध होती है हर व्यक्ति को अपने शत्रुओं को अपने वश में करने के लिए कोई ना कोई प्रयोग करता है वशीकरण इन्हीं प्रयोगों में से एक है वशीकरण करके लोग अपनी इच्छाओं को पूरा कर लेते हैं तथा अपने शत्रुओं को वश में करते हैं तथा अपने प्रेमी जनों या प्रेमिका आदि को भी कामाख्या मां की साधना कर अपने वश में करते हैं।

वशीकरण साधना

हर पुरुष चाहता है कि उसकी पत्नी या प्रेमिका उसके वश में हो तथा उसकी समस्त इच्छाओं को पूर्ण करें तथा उसकी हर आज्ञा का पालन करें इसके लिए आपको कमाख्या स्त्री वशीकरण मंत्र का प्रयोग करना चाहिए या अत्यंत शक्तिशाली एवं सिद्धि प्रयोग है एवं या वशीकरण प्रयोग अत्यंत तीव्र प्रभाव वाला है इस प्रयोग को कार्य को करने के लिए आपको किसी रविवार के दिन सुबह सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण कर आसन लगा कर बैठ जाना चाहिए तथा अपने समक्ष मां कामाख्या के चित्र को रखकर उनकी आराधना करनी चाहिए एवं १०८ बार इस मंत्र को दिन से रात तक जप करना चाहिए ऐसा करना से यह मंत्र सिद्ध हो जाता है जिससे आप जिस स्त्री के ऊपर इस मंत्र की फूंक डालेंगे वह आपके वश में हो जाएगी तथा आपकी आज्ञा का पालन करने लगेगी।

मंत्र:-

ॐ नमः कामाख्य: देवी अमुक: वश करि स्वाह:

हर स्त्री चाहती है कि उसका पति उसके वश में हो तथा उसकी समस्याओं का पालन करें तथा घर में शांति एवं जीवन में खुशहाली धन संपदा का संचार हो कभी-कभी पुरुष गलत संगत में पड़ कर रास्ता भटक जाते हैं जिस कारण घर में अशांति प्रेम की कमी एवं गृह कलह आदि होने लगते हैं इसके लिए स्त्री को गोरोचन तथा अपने शरीर का महल को केले के रस में मिलाकर टीका लगाना चाहिए ऐसे करने से आपका पति आपके बस में हो जाएगा तथा आपके समस्त इच्छाओं का पालन करेगा एवं इस समय इस मंत्र का १०८ बार मन में जप करते रहना चाहिए।

मंत्र:-

ॐ नमोह: महापाक्षिणी पति में वश्य: कुरु कुरु स्वाह:

कामाख्या वशीकरण साधना:-

कामाख्या देवी ५१ शक्तिपीठों में सबसे शक्तिशाली पीठ है इस मंदिर जो सिंदूर प्राप्त होता है तथा जो जातक इस मंत्र का प्रयोग करता है उस पर मां की कृपा हमेशा बनी रहती है तथा इसके द्वारा वशीकरण ग्रह कलेश व्यापार प्रेम की समस्या विवाह की समस्याएं एवं गृह कलह आदि समस्याओं का निवारण हो जाता है यह अत्यंत शक्तिशाली एवं सिद्ध प्रयोगों में से एक प्रयोग है।

कामाख्या सिंदूर प्रयोग:-

यह मंत्र अत्यंत शक्तिशाली मंत्र प्रयोग है इसके द्वारा जातक के सभी कार्य सिद्ध हो जाते हैं इसके लिए आपको सूर्योदय के पूर्व स्नान कर लाल वस्त्र धारण कर लाल आसन लगा कर बैठ जाना चाहिए तथा मन को शांत करके मां कामाख्या की विधि पूर्वक पूजा करनी चाहिए तथा चांदी के बर्तन में यह किसी चांदी की डिब्बी में सिंदूर को रखकर मां के प्रतिमा के समक्ष १०८ बार मंत्र का उच्चारण करना चाहिए इस क्रिया को आपको शुक्रवार के दिन करना चाहिए यह साधना शुक्रवार के दिन श्रेष्ठ मानी जाती है तथा उत्तम फल देने वाली होती है एवं इस साधना को लगातार ७ दिनों तक करना चाहिए इस साधना में मंत्रों द्वारा सिंदूर अभिमंत्रित किया जाता है तत्पश्चात सिंदूर को हथेली में लेकर गंगाजल केसर चंदन मिलाकर मंत्र को पढ़कर उच्चारण करते हुए अपने मस्तक में तिलक करना चाहिए जिससे आपके अंदर एक अद्भुत शक्ति का संचार होगा तथा आपको देखने वाला हर व्यक्ति आप पर मोहित हो जाएगा एवं आप से वशीभूत होकर आपके समस्त इच्छाओं को पूर्ण करेगा साधना अत्यंत प्रभाव वाली होती है एवं यह सिंदूर मंत्र प्रयोग के बाद सम्मोहन शक्ति से युक्त होकर किसी भी स्त्री या पुरुष को वशीभूत करने के लिए उपयुक्त माना गया है पर ध्यान रहे यह साधना करने के लिए आपके मन में माता के प्रति विश्वास एवं आस्था का होना आवश्यक है।

मंत्र

कामाख्या कामसम्पन्ना कमेस्वरी हरिप्रिया

कामना देहि नित्य कमेस्वरी नमोस्तुते

मां कामाख्या तंत्र साधना

मां कामाख्या का शाबर मंत्र अत्यंत शक्तिशाली मंत्र होता है तथा यह अत्यंत तीव्र प्रभाव वाला होता है इसके द्वारा किसी भी स्त्री या पुरुष को वशीभूत करके अपने कार्य को सिद्ध किया जा सकता है एवं उसके द्वारा अपनी समस्त इच्छाओं की पूर्ति कराई जा सकती है इस मंत्र का प्रयोग अपने शत्रु को हानि या द्वेष की भावना से नहीं किया जाना चाहिए ऐसा करने से यह मंत्र साधना सिद्ध नहीं होती है अपितु उसके आपको दुष्परिणाम प्राप्त हो सकते हैं मां कामाख्या का साबर मंत्र अत्यंत तीव्र प्रभाव वाला होता है इस इस मंत्र की सिद्धि पूर्ण करने वाला व्यक्ति कभी खाली हाथ नहीं रहता तथा उसकी कोई भी इच्छा यह मनोइच्छा बाकी नहीं रहती मां कामाख्या उसकी समस्त इच्छाओं को पूर्ण कर देती है।

मां कामाख्या शाबर मंत्र प्रयोग

मां कामाख्या शाबर मंत्र की साधना की शुरुआत के लिए शनिवार के दिन को उत्तम माना गया है इसके लिए आपको किसी शनिवार के दिन सुबह सूर्योदय से पूर्व उठकर स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण कर पूर्व दिशा की ओर मुख्य कारण सफेद आसन में बैठ जाना चाहिए या जब क्रिया निरंतर ४१ दिन लगातार करनी चाहिए यह साधना करते समय साधक को अपना आसन नहीं छोड़ना चाहिए अर्थात साधक को आसन में ही सोना चाहिए और वहां पर ही खाना चाहिए मातृ पितृ क्रियाओं के लिए आसन छोड़ सकते हैं इस मंत्र को १०४४ बार जप कर मां की विधि पूर्वक पूजा करनी चाहिए तत्पश्चात दीप धूप नावेद आदि से मां की आराधना करनी चाहिए एवं मां को शराब का भोग लगाना चाहिए तथा फूल अर्पित कर मां के समक्ष अपनी इच्छाओं को रखना चाहिए तथा मां के चरणों में पड़े फूल उठाकर अपने पास रख लेना चाहिए यह फूल अत्यंत तीव्र प्रभा वाले होते हैं इस फूल को आप जिस भी स्त्री या पुरुष को देंगे वह आपके वश में हो जाएगा तथा आपकी समस्त इच्छाओं को पूर्ण करेगा।

मंत्र :-

कामाख्य: देश कामाख्य: देवी, बसे जहां इस्माइल: जोगी

इस्माइल: जोगी ने लगाई फुलवारि, फूल: तोडे लोना चमारी

जे इस फूल को सूंघें वाश , तिस का मन: रहे हमारे पास

महल: छोड़े घर छोड़े आँगन छोड़े , लोक कुटुम्ब की लजाय: छोड़े

दुहाई लेना चमारी की , धन्वन्तरि की दुहाई फिरै

तांत्रिक क्रियाओं द्वारा वशीकरण

गोपनीय तांत्रिक प्रयोग , गोमती चक्र के तांत्रिक प्रयोग, तांत्रिक मंत्र साधना – वशीकरण के अंतर्गत इंसान किसी दूसरे व्यक्ति को अपने वश मे करने की इक्छा रखता है, ताकि उसको अपनी मर्जी के हिसाब से चलाया जा सके व अपने स्वार्थ की पूर्ति की जा सके। वशीकरण के लिए लोग न सिर्फ तंत्र-मंत्र का सहारा लेते है, बल्कि तांत्रिक क्रियाओ व जादू-टोटके का इस्तेमाल भी करते है, जिनहे बड़ा कारगर माना जाता है। हालाकि बहुत से लोग जादू-टोटके की माया से दूर ही रहना पसंद करते है, जिनहे इनसे दर लगता है, या कुछ बुरा होने की मंसा हर वक़्त सताते रहती है।

लेकिन हम आज आपको वशीकरण करने की कुछ तांत्रिक क्रियाओ के बारे मे बताते है। कई बार ऐसा देखा गया है कि व्यक्ति के जीवन मे व उसके घर मे हर चीज़ अचानक बदलने लगती है। घर की शांति व खुशी पर मानो किसिकी नज़र लग गई हो, हर दिन कलेश होने लगते है, छोटी-छोटी बातों पर घर मे लोग लड़ते रहते है। ऐसे हालात आने पर अक्सर इंसान एक बार तो जरूर ये सोचता है की शायद उसके घर पर किसीकी बुरी नज़र लग गई है। तो हम आपको बता दे की कुछ लोग जलन की भावना रखते हुए आपके खिलाफ तांत्रिक की उच्चाटन क्रिया का इस्तेमाल करके आपके घर को नष्ट करने की कोशिश करते है। इस उच्चाटन तांत्रिक क्रिया को करने के लिए एक अंडे पर उस व्यक्ति का नाम लिख दिया जाता है, फिर उसे एक ऐसी दीवार पर मारकर फोड़ दिया जाता है, जिस दीवार पर खिड़की और दरवाजा नहीं होता। अंडे को फोड़ने से पहले वो व्यक्ति ये कामना करता है कि किस प्रकार ये दीवार बंद है उसी प्रकार अमुक व्यक्ति के सारे रास्ते बंद हो जाये और वो भी अंडे की भाति एक दिन फुट जाये। इस प्रकार अंडे के प्रयोग से उच्चाटन तांत्रिक क्रिया को इस्तेमाल मे लाया जाता है।

इसके अलावा अगर आपको कोई व्यक्ति बिना कारण ही परेशान कर रहा है तो आप भोजपत्र के टुकड़े पर लाल रंग के चन्दन से उस व्यक्ति का नाम लिखकर उसे एक शहद की डिब्बी मे डालकर रख दे। इस प्रक्रिया द्वारा आप अपने उस शत्रु पर वशीकरण कर सकते है। साथ ही कुछ तांत्रिक प्रयोग तो काफी गोपनीय भी होते है। जिसमे से एक तांत्रिक प्रयोग मे पत्थर का इस्तेमाल भी किया जाता है, जिसे आम तौर पर हम गोमती चक्र के नाम से भी जानते है। दिखने मे आम पर असर काफी खास करता है, क्यूकी ये पत्थर गोमती नदी से मिलता है तो इसका नाम भी गोमती पत्थर हो चुका है। यदि पति-पत्नी के बीच लड़ाई-झगड़े चल रहे हो, अशांति बनी रहती है तो उनके बीच शांति बनाने के लिए तीन गोमती चक्र को घर के दक्षिण दिशा मे “हलूं बलजाद” कहकर फेक देना चाहिए। इसका असर आपको जल्द देखने को मिल जाता है। इसी तरह अगर संतान नहीं हो रही तो 5 गोमती चक्र को लेकर नदी या तालाब में “हिलि हिलि मिलि मिलि चिलि चिलि हुक” को 5 बार बोलकर विसर्जित कर दे। इससे पुत्र प्राप्ति की संभावनाएं बढ़ जाएगी।

इसी प्रकार अगर कोई अन्य समस्या है जैसे की शत्रु परेशान कर रहे हो तो जितने अक्षर का शत्रु का नाम है, आप उतने ही गोमती पत्थर ले ले, फिर उस पर शत्रु का नाम लिख दे और फिर उन पत्थरों को जमीन में गाड़ दें। इस प्रकार आप अपने शत्रु का नाश कर पाएंगे। कई बार हमे ये भी आशंका होती है की जैसे मानो कोई हमरे खिलाफ किसी प्रकार का षड़यंत्र रच रहा है। ऐसे मे इस प्रकार के किसी भी षड़यंत्र को विफल करने के लिए आप एक तांत्रिक मंत्र साधना का प्रयोग भी कर सकते है। इस साधना के अंतर्गत आपको इस मंत्र का जप करना है: “हूं ह्रौं हूं ह्रीं हूं फट् अमुक हूं ह्रौं हूं ह्रीं हूं फट्”। शनिवार के दिन रात 8 बजे के बाद शिव मंदिर में जाकर, हनुमानी सिंदूर में उपले की राख मिला ले, फिर इसे पानी में घोट कर स्याही बना ले। अब शिवलिंग के सामने एक कागज़ के ऊपर इस श्याही से एवं अनार की कलम से ऊपर बताए मंत्र को लिख ले। फिर मंत्र का 3 माला जाप भी करे।

हम आपको जरूरी बात ये भी साथ मे बता दे की अगर आपके पास पारद लिंग है तो पूरी प्रक्रिया अपने घर पर ही कर सकते है, वरना कागज़ पर मंत्र लिखे जाने वाला हिस्सा तो शिवलिंग के सामने ही करना होता है। शनिवार, रविवार व मंगलवार को इसे करे, पर कागज़ पर मंत्र सिर्फ शनिवार के दिन ही लिखे।
आखिरी दिन मंगलवार को जाप करने के बाद, आप कागज को किसी सुनसान जगह एक गड्डे मे गाड़ कर आ जाये। पूरी साधना करने के दौरान आपको बस अमुक की जगह अपने शत्रु का नाम लिखना होता है। इस तरह आप देखेंगे की इस तांत्रिक साधना को करने के बाद आप अपने शत्रु से छुटकारा पा सकते है।

वैसे इंसान के जीवन मे समस्याए हर दिन ही आती-जाती रहती है, पर फिर भी किसी मोड पर लगे की कोई आपको जानबूझकर परेशान कर रहा है तो यकीनन आप ऊपर बताए गए कुछ तांत्रिक साधना व मंत्रो के प्रयोग से इन समस्यायों से छुटकारा पा सकते है। लेकिन हर साधना व क्रिया के पीछे आपकी मंसा एक दम साफ होनी चाहिए, जो किसी का अहित न करती हो।

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