I can help to bring him or her back immediately. I can unite separated families, remove black magic and protect them from bad people

शत्रु मारण मंत्र तंत्र प्रयोग

उन्हें तांत्रिक साधना और मंत्र जाप के प्रयोग से उलटा कर सकते हैं, लेकिन हां इसके लिए योग्य तांत्रित के दिशा-निर्देश का पालन किया जाना जरूरी होता है। साथ ही ध्यान रखना चाहिए कि गलत धारण और उद्देश्य से किया गया तांत्रिक प्रयोग उलटा प्रभाव देता है।

काला भैरव हांडी प्रयोगः शत्रु मारण के लिए एक बेहद अचूक प्रभाव देने वाला प्रयोग काला भैरव हांडी का प्रयोग है। शव की हांडी के साथ किए जाने वाले इस प्रयोग को काफी सावधानी पूर्वक तांत्रिक के मार्गदर्शन में किया जाता है। इस प्रयोग को आधी रात के बाद सूर्योदय से पहले तभी करने की सलाह दी जाती है जब शत्रु का मारक प्रभाव काफी प्रबल हो जाए।

बताते हैं कि इसका उल्टा परिणाम बेहत खतरनाक होता है, जिससे उसमें मानसिक विकार पैदा हो सकते हैं। इसे श्मशान पर किया जाता है और शव दाह के समय इस्तेमाल की गई हांडी में उसी चिता की जलती आग पर उड़द की दाल भूनी जाती है। भूनते समय दाल के कुछ दाने निश्चित तौर पर जल जाते हैं,

उन्हें भूनने के बाद छांट लें। छंटे जले दानों को दाएं हाथ में लेकर पर नीचे दिए गए मंत्र का 21 बार जाप करें। इस तरह अभिमंत्रित दानों को एक पुड़िया में सुरक्षित रखकर अपने साथ घर ले आएं। उसके बाद जब भी शत्रु आपके सामने उसे जले दानों से फेंक कर मारें। इसका प्रभाव तेजी से होगा। जाप के मंत्र इस प्रकार हैंः-

ऊँ नमो काला भैरो मसान वाला, चैसठ योगिनी करै तमाशा, रक्त बाण!

चल रे भैरों कालिया मसान, में कहूँ तोसों समुझाय, सवा पहल में धूनी दिखाय!

मुवा मुर्दा, मरघट बॉस, माता छोड़े पुत्र की आस, जलती लकड़ी धुकै मसान!

भरों मेरा बैरी तेरा, खान सेली सिंगी रुद्रबाण, मेरे बैरी को नहीं मारो

तो राजा रामचन्द्र लक्ष्मण यति की आन!

शब्द साँचा, पिंड कांचा, फुरै मंत्र ईश्वरोवाचा!!

इस कठिन तांत्रिक साधना के अतिरिक्त कुछ सरल वैदिक उपाय और टोटके की मदद से भी शुत्र पर विजय प्राप्त किया जा सकता है।

  • बजरंगबली की आराधनाः दुश्मन को परास्त करने वाले बजरंग बली की असाधारण ताकत से कौन परिचित नहीं है। उनकी नियमित आराधना और हनुमान वाण का नियमित पाठ करने से शत्रु के हानिकारक प्रभाव को हमेशा के लिए खत्म किया जा सकता है। इस पाठ को प्रतिदिन सात बार स्नान के बाद किया जाना चाहिए, लेकिन शुरूआत मंगलवार से करें। उसके बाद लड्डू का भोग लगाते हुए बजरंग बली से शत्रु से मुक्ति की प्रार्थना करें।
  • लौंग और कपूरः बहुत ही साधारण टोटका लौंग के साथ करें। पांच लौंग लें। उसे कपूर के साथ मिला दें। उसे दैनिक पूजा-पाठ के समय आरती की थाली या छोटे से पात्र में जलाएं। लौंग के जलने के बाद बचे भष्म से घर से बाहर निकलते समय तिलक लगाएं और शत्रु पर जीत की मनोकामना करें। साथ ही गायत्री मंत्र का मन ही मन में पांच बार जाप कर लें। मंत्र हैः- ऊँ भुभुर्व स्व तत्स वितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धी मही धीयो यो न प्रचोदयात स्वाह!!
  • सात लौंगः दुश्मन के मारक प्रभाव को खत्म करने के लिए सात ही काफी हैं। शनिवार की रात को सात लौंग लें और शत्रु का नाम लेते हुए 21 बार फूंक मारें। दूसरे दिन यानी रविवार की प्रातः उसे जला डालें। उसके बाद यह प्रक्रिया लगतार सात दिनों तक यानी कि अगले रविवार तक दुहराएं। हर दिन लौंग के भस्म होने के साथ-साथ शत्रु की दुश्मनी भी भस्म होती चली जाएगी।
  • भोजपत्र का प्रयोगः एक भोजपत्र लें। उसके नहीं मिलनेपर पीपल या बरगद के पीले पत्ते का भी उपयोग कर सकते हैं। उसपर लाल चंदन से शत्रु का नाम लिखें और रोल करते हुए मोड़ें। उसे शहद भरी शीशी में डूबाकर रख दें। इस टोटके का प्रभाव शत्रुता कम होने के रूप में कुछ समय बाद ही दिखेगा।
  • चावल के दानेः शत्रु पर शमन पाने के लिए साबूत चावल के 40 दानों के साथ काली दाल के 38 दानों को मिला दें। उन्हें किसी गड्ढे में दबा दें। उसके ऊपर नींबू का रस निचोड़ डालें। नींबू निचोड़ते समय शत्रु के नाम का स्मरण करें। इससे शत्रु परास्त होकर पराजित हो जाएगा। इस टोटके को मंगलवार या शनिवार को करें
  • मोर के पंखः एक मोर का पखं लें। उसपर शनिवार या मंगलवार की रात को भगवान हनुमान के सिर पर चढ़े सिंदूर से दुश्मन का नाम लिखें और पूजा के स्थान पर रख दें। अगली सुबह सूर्योदय से पहले स्नान के बाद उसकी पूजा करें और नदी के बहते पानी में प्रवाहित कर दें। इसके प्रवाह के साथ ही शत्रु की शत्रुता प्रवाहित हो जाएगी।
  • नींबू का प्रयोगः यदि दुश्मन आपको लगातार बाधा डाल रहा हो तब आ नींबू के प्रयोग से उसे शांत कर सकते हैं। सूर्योदय से पहले नींबू को चार हिस्से में काट लें। उन्हें हाथ में लेकर अपने इष्टदेख् को स्मरण करें। उसके बाद गायत्री मेंत्र का 11 बार जाप करें। इसके साथ ही अपने सुखद और शांतिमय दिन गुजरने की कामना करें। प्रार्थना पूरी होने के बाद नींबू के टुकड़े को किसी खुले स्थान पर जाकर चारों दिशाओं में फेंक दें। इस कार्य को लोगों से नजर बचाकर करें।
  • मंत्र जापः शत्रु द्वारा तंग किए जाने की स्थिति में उसके प्रभाव को मंत्र जाप से खत्म कर सकते हैं। नीचे दिए गए मंत्र को सूर्योदय से पहले श्रद्ध और भक्ति भाव के साथ 108 बार जाप करें और अपने इष्टदेव से शत्रुता के प्रभाव को खत्म करने की मनोकामना करें। यह मंत्र काफी प्रभावशाली असर दिखाता है अैर शत्रु कभी भी दोबार षड्यंत्र नहीं रच पाता है। यहां तक कि वह दोस्ती का हाथ बढ़ा देता है। इसके लिए मां काली की आराधना करनी होती है। मंत्र हैः- नृसिंहाय विद्महे वज्र नखाए धी महि तन्नो नृसिंह प्रचोदयात्!!
  • स्त्री शत्रुः यदि दुश्मन कोई स्त्री है तो उसकी शत्रुता को सिंदूर, लाल चंदन, कंगनी, छोटी इलायची और ककड़सिंगी से धूप बत्ती बनाकर करें। शत्रु स्त्री के नाम लेते हुए प्रतिदिन प्रातः धूप बत्ती को जलाएं।

तांत्रिक क्रियाओं द्वारा वशीकरण

गोपनीय तांत्रिक प्रयोग , गोमती चक्र के तांत्रिक प्रयोग, तांत्रिक मंत्र साधना – वशीकरण के अंतर्गत इंसान किसी दूसरे व्यक्ति को अपने वश मे करने की इक्छा रखता है, ताकि उसको अपनी मर्जी के हिसाब से चलाया जा सके व अपने स्वार्थ की पूर्ति की जा सके। वशीकरण के लिए लोग न सिर्फ तंत्र-मंत्र का सहारा लेते है, बल्कि तांत्रिक क्रियाओ व जादू-टोटके का इस्तेमाल भी करते है, जिनहे बड़ा कारगर माना जाता है। हालाकि बहुत से लोग जादू-टोटके की माया से दूर ही रहना पसंद करते है, जिनहे इनसे दर लगता है, या कुछ बुरा होने की मंसा हर वक़्त सताते रहती है।

लेकिन हम आज आपको वशीकरण करने की कुछ तांत्रिक क्रियाओ के बारे मे बताते है। कई बार ऐसा देखा गया है कि व्यक्ति के जीवन मे व उसके घर मे हर चीज़ अचानक बदलने लगती है। घर की शांति व खुशी पर मानो किसिकी नज़र लग गई हो, हर दिन कलेश होने लगते है, छोटी-छोटी बातों पर घर मे लोग लड़ते रहते है। ऐसे हालात आने पर अक्सर इंसान एक बार तो जरूर ये सोचता है की शायद उसके घर पर किसीकी बुरी नज़र लग गई है। तो हम आपको बता दे की कुछ लोग जलन की भावना रखते हुए आपके खिलाफ तांत्रिक की उच्चाटन क्रिया का इस्तेमाल करके आपके घर को नष्ट करने की कोशिश करते है। इस उच्चाटन तांत्रिक क्रिया को करने के लिए एक अंडे पर उस व्यक्ति का नाम लिख दिया जाता है, फिर उसे एक ऐसी दीवार पर मारकर फोड़ दिया जाता है, जिस दीवार पर खिड़की और दरवाजा नहीं होता। अंडे को फोड़ने से पहले वो व्यक्ति ये कामना करता है कि किस प्रकार ये दीवार बंद है उसी प्रकार अमुक व्यक्ति के सारे रास्ते बंद हो जाये और वो भी अंडे की भाति एक दिन फुट जाये। इस प्रकार अंडे के प्रयोग से उच्चाटन तांत्रिक क्रिया को इस्तेमाल मे लाया जाता है।

इसके अलावा अगर आपको कोई व्यक्ति बिना कारण ही परेशान कर रहा है तो आप भोजपत्र के टुकड़े पर लाल रंग के चन्दन से उस व्यक्ति का नाम लिखकर उसे एक शहद की डिब्बी मे डालकर रख दे। इस प्रक्रिया द्वारा आप अपने उस शत्रु पर वशीकरण कर सकते है। साथ ही कुछ तांत्रिक प्रयोग तो काफी गोपनीय भी होते है। जिसमे से एक तांत्रिक प्रयोग मे पत्थर का इस्तेमाल भी किया जाता है, जिसे आम तौर पर हम गोमती चक्र के नाम से भी जानते है। दिखने मे आम पर असर काफी खास करता है, क्यूकी ये पत्थर गोमती नदी से मिलता है तो इसका नाम भी गोमती पत्थर हो चुका है। यदि पति-पत्नी के बीच लड़ाई-झगड़े चल रहे हो, अशांति बनी रहती है तो उनके बीच शांति बनाने के लिए तीन गोमती चक्र को घर के दक्षिण दिशा मे “हलूं बलजाद” कहकर फेक देना चाहिए। इसका असर आपको जल्द देखने को मिल जाता है। इसी तरह अगर संतान नहीं हो रही तो 5 गोमती चक्र को लेकर नदी या तालाब में “हिलि हिलि मिलि मिलि चिलि चिलि हुक” को 5 बार बोलकर विसर्जित कर दे। इससे पुत्र प्राप्ति की संभावनाएं बढ़ जाएगी।

इसी प्रकार अगर कोई अन्य समस्या है जैसे की शत्रु परेशान कर रहे हो तो जितने अक्षर का शत्रु का नाम है, आप उतने ही गोमती पत्थर ले ले, फिर उस पर शत्रु का नाम लिख दे और फिर उन पत्थरों को जमीन में गाड़ दें। इस प्रकार आप अपने शत्रु का नाश कर पाएंगे। कई बार हमे ये भी आशंका होती है की जैसे मानो कोई हमरे खिलाफ किसी प्रकार का षड़यंत्र रच रहा है। ऐसे मे इस प्रकार के किसी भी षड़यंत्र को विफल करने के लिए आप एक तांत्रिक मंत्र साधना का प्रयोग भी कर सकते है। इस साधना के अंतर्गत आपको इस मंत्र का जप करना है: “हूं ह्रौं हूं ह्रीं हूं फट् अमुक हूं ह्रौं हूं ह्रीं हूं फट्”। शनिवार के दिन रात 8 बजे के बाद शिव मंदिर में जाकर, हनुमानी सिंदूर में उपले की राख मिला ले, फिर इसे पानी में घोट कर स्याही बना ले। अब शिवलिंग के सामने एक कागज़ के ऊपर इस श्याही से एवं अनार की कलम से ऊपर बताए मंत्र को लिख ले। फिर मंत्र का 3 माला जाप भी करे।

हम आपको जरूरी बात ये भी साथ मे बता दे की अगर आपके पास पारद लिंग है तो पूरी प्रक्रिया अपने घर पर ही कर सकते है, वरना कागज़ पर मंत्र लिखे जाने वाला हिस्सा तो शिवलिंग के सामने ही करना होता है। शनिवार, रविवार व मंगलवार को इसे करे, पर कागज़ पर मंत्र सिर्फ शनिवार के दिन ही लिखे।
आखिरी दिन मंगलवार को जाप करने के बाद, आप कागज को किसी सुनसान जगह एक गड्डे मे गाड़ कर आ जाये। पूरी साधना करने के दौरान आपको बस अमुक की जगह अपने शत्रु का नाम लिखना होता है। इस तरह आप देखेंगे की इस तांत्रिक साधना को करने के बाद आप अपने शत्रु से छुटकारा पा सकते है।

वैसे इंसान के जीवन मे समस्याए हर दिन ही आती-जाती रहती है, पर फिर भी किसी मोड पर लगे की कोई आपको जानबूझकर परेशान कर रहा है तो यकीनन आप ऊपर बताए गए कुछ तांत्रिक साधना व मंत्रो के प्रयोग से इन समस्यायों से छुटकारा पा सकते है। लेकिन हर साधना व क्रिया के पीछे आपकी मंसा एक दम साफ होनी चाहिए, जो किसी का अहित न करती हो।

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